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Explanation: यह व्यंग्यात्मक निबंध प्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई द्वारा लिखा गया है।
2. यह निबंध मुख्यतः किस वस्तु के संदर्भ में लिखा गया है?
A. प्रेमचंद की एक तस्वीर में दिखते फटे जूते
B. प्रेमचंद की कोई कहानी
C. प्रेमचंद का घर
D. प्रेमचंद की कलम
Answer: A. प्रेमचंद की एक तस्वीर में दिखते फटे जूते
Explanation: निबंध प्रेमचंद की एक तस्वीर में दिखाई देने वाले फटे जूतों पर केंद्रित है, जिसके माध्यम से लेखक गहरी बात कहते हैं।
3. लेखक ने प्रेमचंद के फटे जूतों को देखकर मुख्यतः किस विषय पर व्यंग्य किया है?
A. लेखकों/साहित्यकारों की आर्थिक विपन्नता और समाज की उदासीनता
B. फैशन की कमी
C. जूता उद्योग
D. फोटोग्राफी की कला
Answer: A. लेखकों/साहित्यकारों की आर्थिक विपन्नता और समाज की उदासीनता
Explanation: लेखक ने फटे जूतों के बहाने साहित्यकारों की गरीबी और समाज द्वारा उनकी उपेक्षा पर करारा व्यंग्य किया है।
4. निबंध की शैली मुख्यतः कैसी है?
A. गंभीर शोक-गीत जैसी
B. हास्य-व्यंग्यात्मक
C. पूर्णतः तथ्यात्मक
D. काव्यात्मक
Answer: B. हास्य-व्यंग्यात्मक
Explanation: हरिशंकर परसाई की यह रचना उनकी विशिष्ट हास्य-व्यंग्यात्मक शैली में लिखी गई है।
5. लेखक के अनुसार समाज लेखकों और विचारकों के साथ कैसा व्यवहार करता है?
A. पूरा सम्मान और आर्थिक सुरक्षा देता है
B. प्रायः उपेक्षा और आर्थिक तंगी देता है
C. कोई फर्क नहीं पड़ता
D. उन्हें राजा जैसा सम्मान देता है
Answer: B. प्रायः उपेक्षा और आर्थिक तंगी देता है
Explanation: लेखक का मानना है कि समाज प्रायः लेखकों-विचारकों के प्रति उदासीन रहता है, जिससे उन्हें आर्थिक तंगी झेलनी पड़ती है।
6. निबंध में जूतों की तुलना किससे व्यंग्यात्मक ढंग से की गई है?
A. समाज के पाखंड और दिखावे से
B. आधुनिक फैशन से
C. विदेशी वस्तुओं से
D. राजनीतिक दलों से
Answer: A. समाज के पाखंड और दिखावे से
Explanation: लेखक फटे जूतों के बहाने समाज के पाखंड, दिखावे और साहित्यकारों के प्रति दोहरे रवैये पर व्यंग्य करते हैं।
7. लेखक के अनुसार प्रेमचंद ने अपने जीवन में किस प्रकार का संघर्ष किया?
A. आर्थिक अभाव और संघर्ष का जीवन जिया
B. सुख-समृद्धि का जीवन जिया
C. कोई संघर्ष नहीं किया
D. राजसी जीवन जिया
Answer: A. आर्थिक अभाव और संघर्ष का जीवन जिया
Explanation: प्रेमचंद ने अपने जीवन में गहन आर्थिक अभाव और संघर्ष का सामना किया, जिसका संकेत उनके फटे जूतों से मिलता है।
8. निबंध में लेखक ने किस बात पर तीखा कटाक्ष किया है?
A. साहित्यकार की मृत्यु के बाद ही समाज उन्हें सम्मान देना शुरू करता है
B. साहित्यकारों को अत्यधिक सम्मान मिलता है
C. जूतों की गुणवत्ता
D. फोटोग्राफी तकनीक
Answer: A. साहित्यकार की मृत्यु के बाद ही समाज उन्हें सम्मान देना शुरू करता है
Explanation: लेखक कटाक्ष करते हैं कि समाज जीवित रचनाकार की उपेक्षा करता है परंतु मृत्यु के बाद उसे महिमामंडित करता है।
9. निबंध का मूल स्वर किस प्रकार का है?
A. व्यंग्यात्मक होते हुए भी गहन सामाजिक चिंता से युक्त
B. पूर्णतः हास्यप्रधान और सतही
C. अत्यंत दुखद और निराशाजनक
D. प्रशंसात्मक
Answer: A. व्यंग्यात्मक होते हुए भी गहन सामाजिक चिंता से युक्त
Explanation: निबंध का स्वर व्यंग्यात्मक है, परंतु इसके पीछे समाज और साहित्यकारों की स्थिति को लेकर गहरी चिंता भी छिपी है।
10. लेखक ने फटे जूतों को किसका प्रतीक माना है?
A. साहित्यकार की सादगी, संघर्ष और स्वाभिमान का
B. गरीबी का मज़ाक उड़ाने का
C. फैशन की कमी का
D. आलस्य का
Answer: A. साहित्यकार की सादगी, संघर्ष और स्वाभिमान का
Explanation: लेखक फटे जूतों को साहित्यकार की सादगी, जीवन-संघर्ष और आत्मसम्मान के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
11. हरिशंकर परसाई हिंदी साहित्य में मुख्यतः किस विधा के लिए प्रसिद्ध हैं?
A. व्यंग्य लेखन
B. प्रेम काव्य
C. यात्रा वृत्तांत
D. बाल साहित्य
Answer: A. व्यंग्य लेखन
Explanation: हरिशंकर परसाई हिंदी साहित्य के सर्वाधिक चर्चित व्यंग्यकारों में गिने जाते हैं।
12. निबंध में लेखक किस प्रकार समाज के दोहरे मापदंडों को उजागर करते हैं?
A. साहित्यकार के जीवनकाल की उपेक्षा और मृत्यु बाद की प्रशंसा दिखाकर
B. आर्थिक आँकड़े देकर
C. इतिहास बताकर
D. कोई तुलना नहीं करते
Answer: A. साहित्यकार के जीवनकाल की उपेक्षा और मृत्यु बाद की प्रशंसा दिखाकर
Explanation: लेखक इस विरोधाभास को उजागर करते हैं कि जीवित रचनाकार को समाज अनदेखा करता है, पर मृत्यु के बाद प्रशंसा में जुट जाता है।
13. निबंध के अनुसार प्रेमचंद की तस्वीर में उनके पहनावे की क्या विशेषता दिखती है?
A. अत्यंत सादा पहनावा, फटे जूतों सहित
B. अत्यंत भव्य वस्त्र
C. पश्चिमी पोशाक
D. राजसी वस्त्र
Answer: A. अत्यंत सादा पहनावा, फटे जूतों सहित
Explanation: तस्वीर में प्रेमचंद का पहनावा अत्यंत सादा है, जिसमें फटे जूते उनकी आर्थिक स्थिति को स्पष्ट दर्शाते हैं।
14. लेखक के अनुसार यह फटे जूतों वाली तस्वीर क्या संदेश देती है?
A. साहित्यकार की सच्चाई और संघर्षपूर्ण जीवन की झलक
B. फोटोग्राफर की गलती
C. प्रेमचंद की लापरवाही
D. कोई विशेष संदेश नहीं
Answer: A. साहित्यकार की सच्चाई और संघर्षपूर्ण जीवन की झलक
Explanation: यह तस्वीर प्रेमचंद के संघर्षपूर्ण, सच्चे और सादगीपूर्ण जीवन की गहरी झलक प्रस्तुत करती है।
15. निबंध पढ़ने के बाद पाठक के मन में मुख्यतः कौन-सी भावना उभरती है?
A. साहित्यकारों के प्रति सम्मान और समाज की उदासीनता पर चिंतन
B. उदासीनता
C. क्रोध केवल जूतों पर
D. कोई विशेष भावना नहीं
Answer: A. साहित्यकारों के प्रति सम्मान और समाज की उदासीनता पर चिंतन
Explanation: निबंध पाठकों में साहित्यकारों के संघर्ष के प्रति सम्मान और समाज की उपेक्षा पर विचार करने की भावना जगाता है।
16. लेखक ने निबंध में किस साहित्यिक युक्ति का प्रमुखता से प्रयोग किया है?
A. व्यंग्य और विडंबना
B. अलंकार मात्र
C. छंद विधान
D. संवाद शैली
Answer: A. व्यंग्य और विडंबना
Explanation: लेखक ने निबंध में व्यंग्य और विडंबना (आयरनी) का कुशलतापूर्वक प्रयोग करते हुए गहरी बात कही है।
17. निबंध में लेखक किस बात पर अफसोस जताते हैं?
A. समाज महान रचनाकारों की जीवित रहते कद्र नहीं करता
B. फोटोग्राफी की गुणवत्ता खराब है
C. जूते महँगे हो गए हैं
D. प्रेमचंद बहुत प्रसिद्ध हो गए
Answer: A. समाज महान रचनाकारों की जीवित रहते कद्र नहीं करता
Explanation: लेखक को इस बात का अफसोस है कि समाज महान रचनाकारों का मूल्य उनके जीवित रहते नहीं समझता।
18. निबंध का शीर्षक 'प्रेमचंद के फटे जूते' किस उद्देश्य से रखा गया प्रतीत होता है?
A. पाठकों को गहन सामाजिक-आर्थिक यथार्थ की ओर आकर्षित करने हेतु
B. केवल तस्वीर का वर्णन करने हेतु
C. जूता व्यापार पर टिप्पणी हेतु
D. कोई उद्देश्य नहीं
Answer: A. पाठकों को गहन सामाजिक-आर्थिक यथार्थ की ओर आकर्षित करने हेतु
Explanation: यह शीर्षक पाठकों को एक साधारण वस्तु के माध्यम से गहन सामाजिक-आर्थिक यथार्थ की ओर आकर्षित करता है।
19. लेखक के अनुसार आज भी समाज में रचनाकारों के प्रति दृष्टिकोण में क्या समानता देखी जा सकती है?
A. आज भी अधिकांश रचनाकारों को आर्थिक संघर्ष करना पड़ता है
B. अब सभी रचनाकार धनी हो गए हैं
C. समाज पूर्णतः बदल गया है
D. कोई समानता नहीं
Answer: A. आज भी अधिकांश रचनाकारों को आर्थिक संघर्ष करना पड़ता है
Explanation: लेखक संकेत करते हैं कि आज भी अनेक रचनाकारों को समाज से समुचित आर्थिक सम्मान नहीं मिल पाता।
20. निबंध पढ़कर विद्यार्थी किस मूल्य को समझ सकते हैं?
A. साहित्य और कला के सृजकों के संघर्ष व योगदान का सम्मान करना
B. जूतों की देखभाल कैसे करें
C. फोटोग्राफी सीखना
D. कोई मूल्य नहीं मिलता
Answer: A. साहित्य और कला के सृजकों के संघर्ष व योगदान का सम्मान करना
Explanation: निबंध विद्यार्थियों को साहित्य और कला के सृजकों के संघर्ष तथा योगदान का सम्मान करना सिखाता है।
21. इस निबंध को किस श्रेणी का साहित्य माना जाता है?
A. व्यंग्य निबंध
B. कहानी
C. जीवनी
D. यात्रा-वृत्तांत
Answer: A. व्यंग्य निबंध
Explanation: 'प्रेमचंद के फटे जूते' हिंदी के प्रसिद्ध व्यंग्य निबंधों में गिना जाता है।
22. लेखक की दृष्टि में जूतों की स्थिति किस बात का प्रमाण है?
A. प्रेमचंद की भौतिक धन के प्रति उदासीनता और साहित्य-समर्पण
B. प्रेमचंद की फिजूलखर्ची
C. प्रेमचंद की लापरवाही
D. कुछ भी नहीं
Answer: A. प्रेमचंद की भौतिक धन के प्रति उदासीनता और साहित्य-समर्पण
Explanation: जूतों की स्थिति यह दर्शाती है कि प्रेमचंद भौतिक सुख-सुविधाओं की परवाह किए बिना साहित्य-सृजन में समर्पित रहे।
23. निबंध में हास्य के पीछे मुख्यतः क्या छिपा है?
A. गहन सामाजिक व्यंग्य और चिंतन
B. केवल मनोरंजन
C. कुछ नहीं
D. व्यक्तिगत आलोचना
Answer: A. गहन सामाजिक व्यंग्य और चिंतन
Explanation: निबंध के हास्य के पीछे समाज की विसंगतियों पर गहन व्यंग्य और चिंतन छिपा हुआ है।
24. हरिशंकर परसाई की रचनाओं की भाषा-शैली सामान्यतः कैसी होती है?
A. सरल, सजीव और तीखे व्यंग्य से भरी
B. अत्यंत क्लिष्ट संस्कृतनिष्ठ
C. पूर्णतः अंग्रेज़ी मिश्रित
D. अलंकारयुक्त काव्यात्मक
Answer: A. सरल, सजीव और तीखे व्यंग्य से भरी
Explanation: परसाई की भाषा-शैली सरल, सजीव और तीखे व्यंग्य से युक्त होती है, जो सीधे पाठक के मन पर प्रभाव डालती है।
25. निबंध में लेखक जूतों के माध्यम से किस बड़े प्रश्न की ओर संकेत करते हैं?
A. समाज साहित्य और साहित्यकार का मूल्य कैसे आँकता है
B. जूते किस सामग्री के बने होने चाहिए
C. फोटोग्राफी के नियम क्या हैं
D. कोई प्रश्न नहीं उठाते
Answer: A. समाज साहित्य और साहित्यकार का मूल्य कैसे आँकता है
Explanation: लेखक इस बड़े प्रश्न की ओर संकेत करते हैं कि समाज साहित्य और साहित्यकार के वास्तविक मूल्य को किस तरह आँकता है।
26. क्या इस निबंध में लेखक स्वयं को भी व्यंग्य के दायरे में लाते हैं?
A. हाँ, वे अपने भी दोहरे मापदंडों पर आत्म-व्यंग्य करते हैं
B. नहीं, वे स्वयं को पूर्णतः अलग रखते हैं
C. इसका उल्लेख नहीं है
D. यह प्रश्न अप्रासंगिक है
Answer: A. हाँ, वे अपने भी दोहरे मापदंडों पर आत्म-व्यंग्य करते हैं
Explanation: लेखक निबंध में स्वयं को भी व्यंग्य से अछूता नहीं रखते और समाज के एक हिस्से के रूप में आत्म-चिंतन भी करते हैं।
27. निबंध के अनुसार असली सम्मान किसे मिलना चाहिए?
A. रचनाकार को उसके जीवित रहते हुए भी उचित सम्मान मिलना चाहिए
B. केवल मृत्यु के बाद स्मारक बनाना ही पर्याप्त है
C. सम्मान की कोई आवश्यकता नहीं
D. केवल धनी रचनाकारों को सम्मान मिलना चाहिए
Answer: A. रचनाकार को उसके जीवित रहते हुए भी उचित सम्मान मिलना चाहिए
Explanation: लेखक का मानना है कि रचनाकार को उसके जीवनकाल में ही उचित सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए, न कि केवल मृत्यु के बाद।
28. यह निबंध पाठकों को किस दिशा में सोचने हेतु प्रेरित करता है?
A. साहित्य, कला और उनके सृजकों के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में
B. जूता उद्योग में निवेश की दिशा में
C. फोटोग्राफी सीखने की दिशा में
D. कोई दिशा नहीं देता
Answer: A. साहित्य, कला और उनके सृजकों के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में
Explanation: निबंध पाठकों को साहित्य और कला के सृजकों के प्रति समाज के उत्तरदायित्व पर विचार करने हेतु प्रेरित करता है।
29. निबंध की सबसे बड़ी विशेषता क्या मानी जा सकती है?
A. एक साधारण वस्तु (जूते) से गहन सामाजिक यथार्थ को उजागर करना
B. लंबा वर्णन
C. जटिल भाषा
D. कोई विशेषता नहीं
Answer: A. एक साधारण वस्तु (जूते) से गहन सामाजिक यथार्थ को उजागर करना
Explanation: निबंध की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक साधारण वस्तु के माध्यम से लेखक गहन सामाजिक यथार्थ को उजागर करते हैं।
30. इस निबंध को पढ़ने के बाद पाठक समाज में रचनाकारों के स्थान के बारे में किस निष्कर्ष पर पहुँचता है?
A. समाज को रचनाकारों के जीवित रहते ही उनका मूल्यांकन करना चाहिए
B. रचनाकारों का कोई महत्त्व नहीं होता
C. समाज पहले से ही रचनाकारों को पूरा सम्मान देता है
D. कोई निष्कर्ष नहीं निकलता
Answer: A. समाज को रचनाकारों के जीवित रहते ही उनका मूल्यांकन करना चाहिए
Explanation: निबंध पढ़ने के बाद पाठक इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि समाज को रचनाकारों के जीवित रहते हुए ही उनके योगदान का उचित मूल्यांकन और सम्मान करना चाहिए।
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Quick revision tip
After the practice set, write down the question numbers you missed and revise only those concepts once more. This makes MCQ practice more useful than repeatedly attempting the same questions without reviewing mistakes.